Negative interference stop No Further a Mystery
साधना के दौरान मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी उपकरणों का उपयोग नहीं करें।
हम सभी यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण कई सालों के बाद आता है और चंद्र ग्रहण तथा सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना होती है.
जिसके कारण यह कुछ राशियों को शुभ फल देता है तो कुछ राशियों को अशुभ फल देता है और अगर आध्यात्मिक की दृष्टि से देखा जाए तो ग्रहण काल का समय साधकों के लिए किसी प्रकार के वरदान से कम नहीं होता है.
अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें।
कुछ नया जानने और सीखने की जादुई दुनिया !
मंत्र नियम : मंत्र-साधना में विशेष ध्यान देने वाली बात है- मंत्र का सही उच्चारण। दूसरी बात जिस मंत्र का जप अथवा अनुष्ठान करना है, उसका अर्घ्य पहले से लेना चाहिए। मंत्र सिद्धि के लिए आवश्यक है कि मंत्र को गुप्त रखा जाए। प्रतिदिन के जप से ही सिद्धि होती है। किसी विशिष्ट सिद्धि के लिए सूर्य अथवा चंद्रग्रहण के समय किसी भी नदी में खड़े होकर जप करना चाहिए। इसमें किया गया जप शीघ्र लाभदायक होता है। जप का दशांश हवन करना चाहिए और ब्राह्मणों या गरीबों को भोजन कराना चाहिए।
जो जो हनुमंत धगधजित फलफलित आयुराष: खरूराह
साधना समय में असली धूप का हीं उपयोग करें।
साधना के लिए एक निश्चित समय और स्थान का पालन करें।
गुरु के सिवा किसी भी अन्य व्यक्ति से साधना सम्बन्धी कोई बात न करें।
ॐ गुरु जी कहे, चेला सुने, सुन के मन में गुने, नव ग्रहों का मंत्र, जपते पाप काटेंते, जीव मोक्ष पावंते, रिद्धि सिद्धि भंडार भरन्ते, ॐ get more info आं चं मं बुं गुं शुं शं रां कें चैतन्य नव्ग्रहेभ्यो नमः
Your browser isn’t supported any longer. Update it to get the ideal YouTube experience and our most recent options. Learn more
एते विज्ञानं अहिन न नगयो। मोहि करेत्साराकुठीतिलसकम सरुपद्रे।
परिहासे करे। नयन कटाक्षी करे। आपो न हाते। परहाते।